यूपी को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने में राज्य कर विभाग की बड़ी भूमिका: सीएम योगी
State Tax Department has a big role in making UP a trillion dollar economy
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राज्य कर विभाग के अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ टैक्स वसूली बढ़ाना नहीं है, बल्कि ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों को सुविधा और सम्मान देना भी है। जीएसटी से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं आसान, तेज और पारदर्शी बनाई जाएं ताकि व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने फिर दोहराया कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था बनाने में राज्य कर विभाग की बड़ी भूमिका है, इसलिए विभाग को “विश्वास आधारित प्रशासन” के माडल पर काम करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि व्यापारियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें और छोटे कारोबारियों को जीएसटी नियमों की जानकारी देने के लिए जिला और खंड स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम चलाएं।
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित समीक्षा बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश को जीएसटी और वैट से कुल 1,15,977 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है। जीएसटी संग्रह के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। महाराष्ट्र पहले और कर्नाटक तीसरे स्थान पर है।
सरकार ने बताया कि जीएसटी बकाया के रूप में 2658 करोड़ रुपये की वसूली हुई, जो पिछले वर्ष से 228 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, वैट बकाया से 800 करोड़ रुपये की वसूली हुई। प्रवर्तन टीमों ने टैक्स चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए 2071 करोड़ रुपये की वसूली की।
मुख्यमंत्री ने फर्जी फर्मों और टैक्स चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि बोगस फर्मों के खिलाफ 477 एफआइआर दर्ज की गईं और 168 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सरकार ने पिछले वर्ष नवंबर में विशेष जांच टीम (एसआइटी) भी बनाई थी।
रिटर्न दाखिल करने के मामले में यूपी आगे
बैठक में यह भी बताया गया कि उत्तर प्रदेश अब 21.82 लाख सक्रिय जीएसटी करदाताओं के साथ देश का सबसे बड़ा जीएसटी करदाता राज्य बन गया है। प्रदेश में जीएसटी रजिस्ट्रेशन का औसत समय सिर्फ आठ दिन है, जबकि राष्ट्रीय औसत 14 दिन है।
रिटर्न दाखिल करने के मामले में भी यूपी राष्ट्रीय औसत से आगे है। प्रदेश में 90 प्रतिशत से ज्यादा व्यापारी समय पर रिटर्न जमा कर रहे हैं। जीएसटी रिफंड भी औसतन 27 दिन में जारी किया जा रहा है, जबकि राष्ट्रीय औसत 48 दिन है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रिफंड प्रक्रिया को और तेज व पारदर्शी बनाया जाए ताकि व्यापारियों की पूंजी न फंसे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य कर विभाग को 1,98,071 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य दिया गया है।
अप्रैल में ही विभाग ने 10,896 करोड़ रुपये का संग्रह किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है। जोनवार समीक्षा में गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर और वाराणसी जोन का प्रदर्शन बेहतर पाया गया।
खुद फील्ड में जाएं वरिष्ठ अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कमजोर प्रदर्शन वाले क्षेत्रों के अधिकारियों को विशेष कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी खुद फील्ड में जाएं और व्यापारियों से सीधे संवाद करें।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तकनीक, डाटा एनालिटिक्स और एआइ आधारित निगरानी से टैक्स चोरी रोकने और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। विभाग ने 1.59 लाख वार्षिक रिटर्न में गड़बड़ी की जांच शुरू की है और 22 कारपोरेट सर्किलों में वर्चुअल सुनवाई की सुविधा भी शुरू की गई है।
बैठक में बताया गया कि सभी 75 जिलों में व्यापारी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। अगले माह जून से खंड स्तर पर भी ऐसे कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे ताकि व्यापारियों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान हो सके।